Hanuman Chalisa
Tune into Devotional Melodies
Contemporary Devotional Music: A Harmony of Praise and Devotion


आरती जगमग जगमग चमके
आरती जगमग जगमग चमके,बालाजी महाराज की,सालासर दरबार की,आरती जगमग जगमग चमकें,बालाजी महाराज की.....चैत सुदी पूनम को जन्मे, अ

कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला है हनुमान जी
कीर्तन मे अब रंग बरसने वाला है,देखो देखो आ गया बजरंग बाला है,जहाँ जहाँ कीर्तन प्रभु का होता है,नाचे हनुमत होकर के मतवाला

भक्ति और शक्ति के दाता
भक्ति और शक्ति के दाता,रामचरण से जिनका नाता,म्हारा बजरंगबली.....राम बिना जिनको कुछ भी ना ध्यावे,राम में हरदम जो ध्यान लग

ओजी बालाजी थे अर्जी म्हारी सुण लो जी
ओजी बालाजी थे अर्जी म्हारी सुण लो जी,भक्ता रा बुलाया बेगा आवज्यो महाराज॥ओजी बालाजी थे अंजनि मां का लाला जी,संता का बुलाय

जय जय जय हनुमान जी राम राम
जय जय जय हनुमान जी राम रामसोने के सिंगासन पर बेठे मेरे राम जी,चरणों में बेठे हनुमान जी राम राम,जय जय जय हनुमान जी राम रा

लाओ लाओ हनुमान संजीवनी
लाओ लाओ हनुमान संजीवनी,मेरा लक्ष्मण भ्राता जमीं पर पड़ा,लाओ लाओ हनुमान संजीवनी,मेरा लक्ष्मण भ्राता जमीं पर पड़ा,श्री राम

मोटा मोटा राक्षसा की नींद उड़ा दी रे
मोटा मोटा राक्षसा की नींद उड़ा दी रे,वारे बजरंग बाला जी तूने लंका जला दी रे॥रावण लग्यो राम चन्द्र जी की नारी या सीता,जाक

कपि रामदूत कहलाए जब लंका जलाने आए,
कपि रामदूत कहलाए,जब लंका जलाने आए,कपि राम दूत कहलाए,जब लंका जलाने आए ॥कभी इस डाल पर कभी उस डाल पर,कभी इस डाल पर कभी उस ड

महावीर बन के रणधीर बनके
महावीर बनके रणधीर बनके चले आना बजरंगी चले आना तुम बाल रूप में आना,तुम बाल रूप में आना,रवि हाथ लेके लाली साथ लेके,चले आना

राम नाम को रटने वाले जरा सामने आओ तुम
राम नाम को रटने वाले जरा सामने आओ तुम,कौन हो तुम क्या नाम है तुम्हारा इतना तो बतलाऊ तुम,प्रभु राम का दास हु माता चरणों म

राम जी के साथ जो हनुमान नही होते
राम जी के साथ जो हनुमान नही होते,राम जी के पुरे काम नही होते,हनुमान पर्वत उठा कर ना लाते,कैसे सजीवन सुशन वेद पाते,प्राण

हम सब जय जयकार करे
भव सागर को पार करे .ऐसा कुछ उपचार करे ।मारुती नंदन की आओ, हम सब जय जयकार करे ॥शंकर सुमन केसरी नंदन ,अंजनी माता के प्यारे

सिंदूर चढ़ाने से हर काम होता है
सिंदूर चढ़ाने से हर काम होता है हनुमान को खुश करना आसान होता है करले भजन दिल से हनुमान प्यारे का,जिस को भरोसा है अंजनी द

बजरंग बाला तूने मुझे तर दिया
बजरंग बाला तूने मुझे तर दिया,सवा मणि मैंने तुझको अर्पण किया,तेरे नाम पे मैंने अपना जीवन किया,ना रुके अब सफ़र आये भागल,ते

अंजनी को लाल निरालो रे
अंजनी को लाल निरालो रे अंजनी कोघुंघरू बांध बालो छम छम नाचे ॥लाल लंगोटे वालो रे अंजनी कोअंजनी को लाल निरालो रे ......रोम

ना स्वर हे ना सरगम हे
ना स्वर हे ना सरगम हे,ना लय ना तराना हे,हनुमान के चरणों में एक फूल चढ़ाना हे,ना स्वर हे ना सरगम हे......तुम बाल समय में

बाला जी के नाम के ख़ज़ाने
ले जा बाला जी के नाम के खजाने ॥नसीबा तेरा जाग जाएगा ॥क्या सोचता है दिल में दीवाने ,नसीबा तेरा जाग जाएगा _ _ _ ॥जिस घर म

मेरे राम जी से कहियो
मेरे राम जी से कहियो मेरी राम - राम || हे राम भक्त हनुमान मुझ पर कृपा करो || लड्डुओं का तुझे भोग लगाऊ , गुड और चना चढाऊ

बजरंगी के प्यार मै कही पागल ना हो जाऊ
बजरंगी के प्यार मै कही पागल ना हो जाऊसिर सोहने का मुकट विराजे,गल मोतियाँ की माला साजे,इस की माला को देख के,कही पागल न हो

तेरी जय जय जय हनुमान
तू ही मंगल माये भगवान तेरी जय जय जय हनुमान,तू है राम साईं की जान तेरी जय जय जय हनुमान,सब देव तेरा गुण गान करे ब्रह्मा वि

बंदउँ रघुपति प्रिय भक्तं , जय होवे तेरी जय होवे
बंदउँ रघुपति प्रिय भक्तं ,जय होवे तेरी जय होवे IIबंदउँ देवम हनुमन्तं , जय होवे तेरी जय होवे IIबंदउँ भक्तम बलवन्तं , ज

हनुमत आ जाओ
लगा तीर लखन मैं सीने में , हाय कुछ भी सुझ न पाये, जल्दी से आओ हनुमत प्यारे , कही रात बीत न जायें , तुम्हें काहें को देर

रावणा के देश गयो
रावणा के देश गयो,सीया का संदेशो लायो ।कबहू ना किनी वो तो बात अभिमान की ॥छिन में समुंदर कूदे पल में पहाड़ लायेलाये संजीवन

हे पवन के तनय वीर हनुमान
हे पवन के तनय वीर हनुमान जी,कब से करता विनय आप आ जाइये ।नाव मजधार में आज मेरी फसी,पार आकरके उसको लगा जाइए॥बालेपन में ही

आओ जी आओ जी बाळासा बेगा आओ जी
आओ जी आओ जी बाला सा बेगा आओ जी,अरे सालासर का मंदिर में काई,चांदपोल का मंदिर में काई, मौज मनाओ जी आओ जी आओ जी बाला

जय बोलो जय बोलो हनुमान की
जय बोलो जय बोलो हनुमान की राम राम ॥कौशल्या के जाये मेरे राम जी राम राम ॥ अंजलि के जाये हनुमान जी राम राम ॥जय ........कंद

अंजनी के लाल हनुमान
अंजनी के लाल हनुमान आज मेरी रक्षा करो ॥.लगी आग लंका में भगदड़ मची थी ॥कुटिया विभीषन की कैसे बची थी ॥कुटिया में लिखा था र

भव सागर को पार करे
भव सागर को पार करे .ऐसा कुछ उपचार करे ।मारुती नंदन की आओ, हम सब जय जयकार करे,शंकर सुमन केसरी नंदन ,अंजनी माता के प्यारे

मेरा संकट कट गया जी बालाजी के दरबार में
मेरा संकट कट गया जी बालाजी के दरबार में,मेरा संकट,मेरा संकट,मेरा संकट, हाँ हाँ हाँ, मेरा संकट कट गया जी बालाजी के दरबार

एक गिलहरी
एक गिलहरी बार-बार सागर में पूँछ भिगावे...राम जी ने पूछा –“गिलहरी क्या कर रही हो ?” बड़े नुकीले पत्थर प्रभु जी.... तेरे प