
Hanuman Chalisa
Devotional Songs
शीश गंग अर्धंग पार्वती,सदा विराजत कैलासी ,नंदी भृंगी नृत्य करत हैं,धरत ध्यान सुर सुखरासी,शीतल मन्द सुगन्ध पवन,बह बैठे है
सुखी रहे जग सारा प्रभु, दुखिया रहे न कोय,ऐसी विनती हम सबकी, बाबा पूरी होय ,बल बुद्धि विद्या तेज प्रभु, सब के भीतर होय,अन
तुम उठ कर सुबह सवेरे शिव मंदिर जाया करो शिव के पारस चरणों में नित शीश जुकाया करो भोले की भगती से शक्ति मिलेगी मिट जायेगे
जागो भोले नाथ सुनो अरज हमारीरक्षा करो हमारी जटा जुट गंग धरीदबी जा रही है पापो से डरती माँ बेचारीनेत्र तीसरा खोलो अब तो म
अहो उमापति अधीर भक्त की व्यथा हरो,दयालु विशव नाथ दीन हीन पर दया करो अहो उमापति अधीर भक्त की व्यथा हरो,तुम्ही अशक्त के लि
शिव तेरी ज्योत जले,हमको भी शरण में ले,हम यह ही कहते चले,शिव तेरी ज्योत जले,बम भोले, बम भोले मेरे भोले,शिव तेरी जोत जले..
ऐ शिव जी बिहाने चले पालकी सजाई के,भभूति रमाई के हो रामसंग संग बाराती चले ढोलवा बजाई के,घोड़वा दौड़ाई के हो रामऐ शिव जी ब
बम बम भोले शंकर भोले मेरे भोले शंकर ने लाये मनी महेश च डेरे मन ओहनू तू बंदेया सुते भाग जाग जाऊ गे तेरे मेरे भोले शंकर ने
मेरा भोला भंडारी देखो नित नित भंग जुटावे से,मेरा भोला भंडारी देखो भर के चिलम लगावे सेडम डम डमरू देखो बाजेहाथो में त्रिशू
यौ डमरू धारी बसहा सवारीगेलिये आहा कोन गाम यौ बाबाताकब आहा के को ठामयौ भूतनाथ अहि करबै सनाथबेर बेर करै छि प्रणाम यौ बाबाज
उठ नित सुबह जप शिव नाम निर्मल मन के साथ चाहे कहो गंगाधर चाहे कहो शिव शंकर है भोले नाथ हर दम साथ क्या जाने हो दर्शन फिर क
काशी में शिव काशी में शिव पर्वतों में शिव गंगा बेहती जटाओ से,आधी योगी शिव नील कंठ शिव रुदर धारा में निवास रे श्मभु भोले
मेरे सोये भाग जगा भी दो शिव डमरू वाले शंकर भोले भाले मेरी बिगड़ी बात बना भी दो शिव डमरू वाले शंकर भोले भाले तुमहे ने कैल
कैसा रच दिया खेल मेरे भोले भंडारी ने कैसा रच दिया कैसा रच दिया कैसा रच दिया खेल मेरे भोले भंडारी ने निर्धन को धन वान बना
आसमान से फूलो की बरसात हो गई गोरा तेरी शादी शंकर से हो गई नील कंठ पे फूलो की बरसात हो गई मैया जी की शादी भोले से हो गई ग
डम डम डमरू बजदा भोले शंकर दा सोहना पर्वत लगदा भोले शंकर दा शंकर दा डम डम डमरू बजदा भोले शंकर दा चारे पासे खुशिया छाईआ इक
रे गोरा रिम झूम पड़े फुहार यो मस्त महीना सावन का,रे जल्दी रगड़े क्यों न भांग खिलेगी मूड बनावन का ठंडी ठंडी पवन चले बिन भ
आज तो गोरा रे देखो बनी रे दुल्हनियाचली ईसर जी के साथ जरा देखन दो, देखन दो,शीश गोरा के रखड़ी सोहे कान गोरा के झाले सोहे,य
भोले सुन लेंगे अरज हमारी,बाबा सुन लेंगे अरज हमारी करके आये गे नंदी की सवारी जैकारो की आवाज सुन के भोले सुन लेंगे अरज हमा
जय शिव शंकर जय भोले नाथ,अज शिव रात है जी आई शिव रात ॐ नमः शिवाय ॐ नमो शिवायेबैल दी सवारी कर भोले नाथ औन गे माता पार्वती
ॐ नाम का जाप करो सचे मन को साफ करो नम शिवाये बोलो नम शिवाये ॐ नाम का जाप करो नित कर्म से वचन सुमिरन कर लो होगा बेडा पार
डम डम डमरु बजदा भोले शंकर दा सोहना पर्वत लगदा भोले शंकर दा चारे पासे खुशिया छाईआ इज दूजे नु दें वधाईआ भंग प्याला पी लो ज
ओ बाबा तेरी क्या ही बात हैभोले शंकरा तेरी क्या ही बात हैदूर होके भी तू साथ हैओ दूर होके भी तू साथ हैखुद को मैं करदूंगा त
है शिव शंकर भक्ति की ज्योति अब तो जला दो मन में।राग द्वेष से कलुषित ये मन।उज्ज्वल हो पल छिन में।।तेरी डमरू से निकले हैओम
सखियों देखो बड़ा निराला लाडा गोरा दा पाउंदा गल सरपा दी माला लाडा गोरा दा घोड़ी भी न मिली है इस नु चढ़ के बेल ते आया है ब
भोलीसी सुरत माथेपे चंदा देखो चमकता जाएसदा समाधि में है मगन कही भोला नजर ना आएजब भक्तो को पडे जरुरत खुद को रोक ना पाएसागर
चाहे तू तन पे भस्म रमा ले चाहे गले में नाग फसा ले,चाहे तू तन पे भस्म रमा ले तेरे से करुँगी मैं व्याह कोई कुछ नही कर पाये
जिसे ब्रह्मा भी माने रे जिसे विष्णु भी माने जिसे कृष्णा रे जिसे सारा जग जाने जब तक है भोले का हाथ सिर पे कोई कर सकता बां
मथे उते तिलक लगा के गल सपा दी माला पाके इक हथ विच तिरशूल नु फड के डमरू पेया ब्जाउन्दा नी गोरा तेरा लाडा आप नचदा भगत नचौन
होके नंदी सवारी आया भोला भंडारी संग आई गोरा मैया भी भोला का दर्शन पाओ शम्भु का दर्शन पाओ भस्मी लपेटे सारे बदन पे गंगा को